चिरमिरी में एन.सी.पी.एच हॉस्पिटल रोड़ के डामरीकरण का कार्य शुरू

admin
admin
3 Min Read

रायपुर : मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भतरपुर कलेक्टर  पी. एस. ध्रुव के निरीक्षण एवं कड़े निर्देश के बाद अंतत एसईसीएल प्रबंधन ने चिरमिरी स्थित एनसीपीएच हॉस्पिटल आने-जाने वाली सड़क के डामरीकरण का काम आज आनन-फानन में शुरू कर दिया है। एनसीपीएच हॉस्पिटल एसईसीएल प्रबंधन द्वारा संचालित है। इस हॉस्पिटल के आने-जाने की सड़क के मरम्मत एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी एसईसीएल प्रबंधन के जिम्मे है। लम्बे अरसे से यह सड़क जर्जर हो गई थी। आवागमन में मरीजों एवं परिजनों सहित राहगीरों को तकलीफ होती थी। सड़क में जगह-जगह गड़्ढे हो गए थे और बड़ी-बड़ी गिट्टियां उखड़ आई थी।

Ro No. 12242/26
Ad imageAd image

कलेक्टर धु्रव ने बीते रविवार को चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई का जायजा लेने के दौरान आकस्मिक रूप से एनसीपीएच हॉस्पिटल के मुआयने पर पहुंचे थे। सड़क की जर्जर स्थिति देख कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई थी और एसईसीएल प्रबंधन को तत्काल इसका डामरीकरण कराए जाने के भी निर्देश दिए थे। एसईसीएल प्रबंधन द्वारा मरीजों एवं उनके परिजनों के पेयजल सुविधा के लिए स्थापित वाटर एटीएम भी महीनों से बंद एवं बेकार पड़ा था। यह वाटर एटीएम अब फिर से चालू हो गया है और लोगों को इससे पेयजल मिलने लगा है।
कलेक्टर ने हॉस्पिटल और उसके परिसर में व्याप्त गंदगी, बंद पड़े वाटर एटीएम, जर्जर सड़क को लेकर एसईसीएल के प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाने के साथ ही हॉस्पिटल की व्यवस्था को दुरस्त करने और जर्जर सड़क की मरम्मत कराए जाने के सख्त निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने उक्त मामले में एसईसीएल के महाप्रबंधक से भी मोबाइल पर चर्चा कर उन्हें हॉस्पिटल और वहां के व्यवस्था की जानकारी दी थी। कलेक्टर ने एसईसीएल के महाप्रबंधक को जनहित के उक्त कार्याें को तत्काल ठीक कराए जाने के निर्देश दिए थे। हॉस्पिटल के सामने स्थित गार्डन को भी व्यवस्थित कराकर वहां औषधी और छायादार पौधों का रोपण कराए जाने के निर्देश प्रबंधन को दिए गए थे।
कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रबंधन ने रोड़ का डामरीकरण कार्य तत्काल शुरू कराए जाने के साथ ही हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने में जुट गया है। गौरतलब है कि सड़क डामरीकरण की निविदा स्वीकृत होने के बावजूद भी एसईसीएल प्रबंधन द्वारा डामरीकरण कार्य में बिना वजह लेट-लतीफी की जा रही थी। कलेक्टर ने एसईसीएल के सिविल इंजीनियर को निरीक्षण के दौरान मौके पर तलब कर डामरीकरण के कार्य को 24 घंटे के भीतर ही शुरू कराने की सख्त हिदायत दी थी।

Ro No. 12242/26
Ad imageAd image
Share this Article