शासकीय योजनाओं से नि:शक्तजनों के सपनों को मिले पंख

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रायगढ़, जब इरादे मजबूत हो तो शारीरिक अक्षमता को भी हार मानना पड़ता है। आज ऐसे लोग भी है जो अपनी दिव्यांगता को कमजोरी न मान, जिंदगी में आगे बढ़ कुछ करने की कोशिश करते है और इस कोशिश में शासन की योजनाएं भी दिव्यांग जनों की सपनों में उड़ान भरने का कार्य कर रही है। आज शासन की विभिन्न योजनाएं है, जिसके माध्यम से नि:शक्त लोगों को एक सामान्य जिंदगी जीने में सहायता के लिए सहायक उपकरण से लेकर अपने आप को आर्थिक रुप से सशक्त बनने की चाह रखने वालों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। जिससे दिव्यांगजन आज समाज में समान और सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे है। ग्राम चिखली निवासी दिव्यांग निराकार साव बताते है कि एम.कॉम तक की पढ़ाई के पश्चात कुछ करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक स्थिति ने साथ नही दिया। लिहाजा शासन द्वारा संचालित विभागीय योजना का लाभ मिला। जिससे उन्हे कपड़ा दुकान संचालित करने के लिए 2 लाख 70 हजार की राशि का लोन प्राप्त हुआ। आज वे स्वयं का तरुण ड्रेसेस नाम से कपड़ा दुकान संचालित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो चुके है। ग्राम-बोईरडीह की कु.जयंती साहू ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें पिकअप मालवाहन खरीदने के लिए योजना अंतर्गत 5 लाख 44 हजार रुपये राशि प्राप्त हुआ। वाहन उसके भाई द्वारा चलाया जा रहा है, पहले रोजी मजदूरी करते थे, अब स्वयं का वाहन होने से अच्छी कमाई हो जाती है। जिससे परिवार का भरण पोषण में आसानी हो रही है। इसी प्रकार ग्राम-भिखारीमाल के श्री विजय प्रधान ने भी योजना का लाभ लेते हुए योजनान्तर्गत 4 लाख 50 हजार रुपये लोन प्राप्त कर चारपहिया वाहन लेकर स्वयं के मालिक बने।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजन समान अवसर समान भागीदारी की भावना के अनुरूप दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित किये जाने हेतु प्रतिवर्ष 3 दिसम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस का आयोजन किया जाता है। समाज कल्याण विभाग सभी श्रेणी के दिव्यांगजनों जैसे अस्थि बाधित, दृष्टि बाधित, मूक बधिर, मानसिक मंदता एवं बहु दिव्यांगता सहित 21 श्रेणियों के दिव्यांगजनों के लिए विविध विभागीय योजनाओं के माध्यम से बाधारहित जीवन स्तर के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुये लाभान्वित किया जा रहा है। जिसमें समाज कल्याण विभाग द्वारा कमजोर वर्ग जैसे दिव्यांग, वृद्ध, निराश्रित, विधवा, भिक्षुक एवं तृतीय लिंग वर्ग हेतु योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें दिव्यांगजन विशेष पहचान पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना, क्षितिज अपार संभावनाएं, स्वरोजगार हेतु ऋण सहायता, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना, कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण प्रदाय योजना, दिव्यांग बच्चों का शैक्षिक पुनर्वास, सुगम्य भारत अभियान, विभागीय मान्यता एवं अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्था संचालित करने हेतु योजनाएं संचालित की जा रही है। शासन के योजनान्तर्गत दिव्यांगजन विशेष पहचान पत्र योजना के तहत जिले के चिन्हांकित 21 हजार 290 दिव्यांगजनों को जिला मेडिकल बोर्ड के माध्यम से प्रमाणीकरण कर दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड जारी किया गया है। साथ ही जिले में 14 हजार 661 पंजीकृत दिव्यांगजनों को विशिष्ट पहचान पत्र जारी किये गए है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 49 हजार 743 दिव्यांगजनों को प्रतिमाह पेंशन राशि के रूप में आर्थिक रूप से लाभान्वित किया जा रहा है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना अंतर्गत जिले के 1652 गंभीर दिव्यांगजनों को प्रतिमाह केन्द्र एवं राज्य से प्राप्त सहायता राशि से लाभान्वित किया जा रहा है। दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अध्ययनरत् दिव्यांग छात्रों को प्रोत्साहित करने हेतु संचालित योजना दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 528 दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया जा चुका है। क्षितिज अपार संभावनाएं अंतर्गत जिले के दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड की वार्षिक परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले एवं उच्च शिक्षा में अध्ययनरत 30 दिव्यांग छात्रों को गत एक वर्ष में प्रोत्साहन राशि प्रदाय कर लाभान्वित किया गया है। इसी प्रकार सिविल सेवा की प्रतियोगी परीक्षा में उत्तीर्ण दिव्यांगजनों को योजना के अंतर्गत 04 दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया है। स्वरोजगार हेतु ऋण सहायता योजना से 192 दिव्यांगजनों को स्व-रोजगार इकाई की स्थापना हेतु छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम रायपुर के माध्यम से 5 करोड़ 98 लाख 9 हजार 628 रूपये राशि वितरित कर ऋण सहायता उपलब्ध करायी गयी है।
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दिव्यांगजनों को वैवाहिक बंधन में आबद्ध होने पर विभाग द्वारा प्रति दिव्यांग 50 हजार रूपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदाय कर लाभान्वित किया जा रहा है। इसी प्रकार कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण प्रदाय योजना अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 413 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदाय किये गये है। दिव्यांग बच्चों का शैक्षिक पुनर्वास के तहत दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़े रखने के लिये विभाग द्वारा विभिन्न विशेष विद्यालयों का संचालन विभागीय मान्यता प्राप्त संस्थाओं के समन्वय से कर रहा है। जिले में समाज कल्याण विभाग से संबद्ध 332 दिव्यांग छात्रों को विशेष शिक्षा से लाभान्वित किया जा रहा है। सुगम्य भारत अभियान अंतर्गत दिव्यांगजनों को शासकीय कार्यलयों में आने जाने में होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए उनके अनुकूल भवनों को बाधारहित किया जा रहा है। दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अंतिम दिव्यांगजनों तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु विभाग स्वयंसेवी संस्थाओं को विभागीय मान्यता एवं अनुदान प्रदाय करता है। जिले में 06 अशासकीय संस्थाओं को मान्यता देकर अनुदान प्रदाय किया जा रहा है।
उभयलिंगी वर्ग के व्यक्तियों को जारी किया जा रहा पहचान पत्र, मिलेगी योजनाओं का लाभ
शासन द्वारा उभयलिंगी व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण एवं अवसर की समानता के लिए अब समाज कल्याण विभाग द्वारा पहचान प्रमाण पत्र जारी कर उन्हें शिक्षा, कौशल विकास एवं अन्य योजनाओं से लाभान्वित करने जा रहा है। उभयलिंगी व्यक्तियों के लिए नियमित राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से 14 उभयलिंगी व्यक्तियों को प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। आगामी समय में इस वर्ग के व्यक्तियों के स्वावलंबन एवं पुनर्वास के लिए गरिमा गृह का संचालन किया जायेगा।
दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्पलाईन नंबर जारी
समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य में दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और उभयलिंगी व्यक्तियों के कल्याणार्थ पुनर्वास हेतु विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और उभयलिंगी के लिए उनकी आवश्यकता के अनुरूप आपातकालीन सेवाएं, संसाधन उपलब्ध कराने, शिकायतों तथा विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु हेल्पलाईन नम्बर 155326 एवं टोल फ्री नम्बर 1800-233-8989 का संचालन किया जा रहा है।

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